सिरसा। भारत एवं यूरोपियन यूनियन के मध्य संपन्न हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी सिरसा जिला अध्यक्ष एडवोकेट यतीद्र सिंह ने कहा कि यह समझौता केवल आर्थिक करार नहीं, बल्कि भारत की विश्व शांति, स्थिरता और वैश्विक समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया युद्ध, संसाधनों की कमी, आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव से जूझ रही है, ऐसे समय में भारत का यूरोपियन यूनियन जैसे 27 देशों के समूह के साथ यह समझौता यह दर्शाता है कि भारत संघर्ष नहीं, सहयोग के मार्ग पर चल रहा है। एडवोकेट यतीद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच वार्षिक व्यापार लगभग 120 अरब डॉलर (लगभग 10 लाख करोड़ रुपये) का है, जिसे इस समझौते के बाद आने वाले वर्षों में 200 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यह समझौता भारत के निर्यात, रोजगार सृजन और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय किसानों, एमएसएमई सेक्टर, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा तथा विश्वास जताया कि इससे लाखों नए रोजगार उत्पन्न होंगे और भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। एडवोकेट यतीद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज युद्ध की नहीं, बुद्ध की भूमि के रूप में विश्व को शांति का मार्ग दिखा रहा है। भारतीय सनातन परंपरा में निहित वासुधैव कुटुंबकम का सिद्धांत-पूरी दुनिया को एक परिवार मानने का भाव आज भारत की विदेश नीति का मूल आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कई देश सैन्य शक्ति के माध्यम से वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं, वहीं भारत आर्थिक सहयोग, व्यापारिक सांझेदारी और मानवीय मूल्यों के माध्यम से वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। यही कारण है कि आज भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ सबसे विश्वसनीय भागीदार माना जा रहा है। एडवोकेट यतीद्र सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत न केवल एशिया बल्कि पूरे विश्व के लिए स्थिरता का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी पूरे विश्व के प्रतिनिधि के रूप में वैश्विक अस्थिरता को समाप्त कर शांति और समृद्धि का नया युग स्थापित करेंगे। उन्होंने अंत में कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यह सिद्ध करता है कि भारत केवल अपने नागरिकों की समृद्धि नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की दिशा में अग्रसर है।



