7 Views
सिरसा। चंडीगढ़ में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राज कुमार शर्मा, वीरभान मेहता, संदीप नेहरा व सुभाष जोधपुरिया को पुलिस ने बुधवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कीर्ति नगर पुलिस चौकी के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। दरअसल, उक्त नेता अपने समर्थकों के साथ चंडीगढ़ में पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने के लिए सुबह रवाना हुए। उनकी गाड़ियां अंबेडकर चौक के पास पहुंची ही थी, कि पुलिस ने उन्हें रुकवा लिया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से कहा कि प्रदर्शन में भाग लेना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और वे किसी भी तरह का गैर कानूनी काम नहीं कर रहे। मगर पुलिस ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर कीर्ति नगर पुलिस चौकी ले गई। कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने की सूचना जैसे ही पार्टी कार्यकर्ताओं को मिली तो उनमें रोष फैल गया। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित शर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कीर्तिनगर चौकी के बाहर हल्ला बोल दिया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने “लोकतंत्र बचाओ” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। अढाई घंटे तक हिरासत में रखने के बाद पुलिस कांग्रेस नेताओं को छोड़ने पर मजबूर हो गई। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” करार देते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पुलिस की हिरासत से छूटने के बाद चौकी से बाहर आकर कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा ने कहा कि पार्टी की ओर से यह प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और अन्य जनहित मुद्दों को लेकर बुलाया गया था। वे पार्टी नेताओं वीरभान मेहता, संदीप नेहरा व सुभाष जोधपुरिया सहित अन्य समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए राजधानी जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जो कि सरासर अन्यायपूर्ण व अलोकतांत्रिक है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के रोका गया और कई देर तक चौकी में बैठाए रखा गया। पुलिस की यह कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि
हम शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे थे। हमारा उद्देश्य केवल जनता की आवाज उठाना था। लेकिन भाजपा सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने पर उतारू है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है और सरकार का काम उस अधिकार की रक्षा करना है, न कि उसे दबाना। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज से घबरा गई है और इसलिए पुलिस का सहारा लेकर उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है। भाजपा सरकार विपक्ष को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बढ़ते जनाधार को देखकर भाजपा घबरा गई है और उसे अपना सिंहासन डोलता नजर आ रहा है, इसलिए सरकार कांग्रेस को आगे बढ़ने से रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार चाहे लाख जतन कर ले, वह उसे जनता के हितों की आवाज उठाने से नहीं रोक सकती। इस मौके पर राजेश शर्मा, प्रदीप सैनी, तिलक चंदेल, राजकुमार चंदा, सुनील बोमरा, बृजलाल घोड़ेला, श्याम लाल वर्मा, चंद्रशेखर सोनी, प्रेम कच्छावा, मनफूल शर्मा, रामानंद सरपंच, देवेंद्र सिंह पूर्व पार्षद, विजय शर्मा, पवन नाहर, लक्ष्मीकांत, लीलू राम पूर्व सरपंच, साहब राम जांगड़ा, जगदीश भाटी, रण सिंह, रुपिंदर भाटिया, मिया खान प्रभु राम नेजडेला हरबंस बेग, जगदीश भाटिया, रमेश सिद्धू, बंटी प्रधान, वेद प्रकाश सैनी अजय शर्मा चंद्रपाल दिलराज भजन मनप्रीत सिंह सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
Post Views: 6



