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सिरसा में धोखाधड़ी से अवैध मानव तस्करी करने के मामले में दो आऱोपी पुलिस गिरफ्त में ।

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सिरसा……बीती 7 जनवरी 2026 को भारतीय एम्बेसी द्वारा भारत लाया गया पीड़ित व्यक्ति निवेश कुमार पुत्र सुशील कुमार,निवासी गांव माखोसरानी,थाना नाथूसरी चौपटा, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले उसकी मुलाकात सिरसा मे आशीष नेहरा पुत्र संजय कुमार वासी कुतियांवाली जिला हिसार से हुई थी । उसके बाद आशीष और मैं अच्छे दोस्त बन गए और हमारी वट्सएप के माध्यम से अक्सर बातचीत होती रहती थी । अप्रैल 2025 मे आशीष विदेश चला गया । एक दिन हम दोनों व्हाट्एप पर बात कर रहे थे तो आशीष ने बताया की हिसार में स्थित गांव बगला निवासी सोनू मेहरिया ने उसे थाईलैंड बोर्डर पर किसी कंपनी में काम दिलाया है जहां कंप्यूटर पर वह डाटा ऑप्रेटिंग का काम हुँ । इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी दीपक सहारन ने बताया कि पीड़ित व्यकि निवेश ने भी विदेश जाने की इच्छा जाहिर की तो बगला निवासी सोनू मेहरिया ने पीड़ित व्यक्ति से व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत की और कहा की वह पिछले एक साल से वह थाईलैंड में 65 हजार रुपए की सैलरी पर डाटा ऑप्रेटर का काम पर रहा है । कंपनी में जॉब इंट्रव्यू के लिए सोनू मेहरिया ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए पीड़ित व्यक्ति के पासपोर्ट का फोटो मांगा और 40 हजार रुपए जमा करवा लिए । वॉट्सएप पर इंटरव्यू के बाद उसे नौकरी का झांसा देकर हवाई जहाज का टिकट व्हाट्सएप पर भेज दी और कहा की बैंकाक (थाईलैंड) का वीजा ऑन अराईवल मिलेगा । इसके बाद 18 मई 2025 को दिल्ली हवाई अड्डे से बैंकाक पंहुच गया । लेकिन जब वह बैंकोक एयरपोर्ट पहुंचा तो उसे धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा औऱ उसे एक काले रंग की गाड़ी में बैठाकर उन्हें जंगल के रास्ते ले जाकर उसे म्यांमार की सीमा पर पहुंचाया दिया । म्यांमार पहुंचने के बाद, पीड़ित व्यक्ति को साइबर फ्रॉड करने वाली एक कंपनी में काम करने के लिए मजबूर किया गया । पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उसे सोशल मीडिया पर लड़की की आइडी बना कर लोगों से दोस्ती करने और फिर उन्हें ठगने का काम दिया गया । पीड़ित व्यक्ति को धमकाया गया कि अगर वह काम नहीं करेगा तो उसे जेल में डाल दिया जाएगा । इस स्थिति से बचने के लिए काम किया, लेकिन अक्टूबर माह में एक सैन्य बल द्वारा रेड की गई और कंपनी के लोग उन्हें डोंगमई पार्क में ले गए । लगभग एक महीने बाद, कंपनी ने उन्हें और अन्य पीड़ितों को छोड़ दिया और वे म्यांमार के रास्ते भारतीय एम्बेसी में पंहुचे तो उन्हें बीती 7 जनवरी 2026 को वापस भारत भेजा गया । पीड़ित व्यक्ति की शिकायत के आधार पर साइबर थाना सिरसा में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने व मानव तस्करी एवं अवैध रुप से बंधक बनाकर काम करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी । जांच के दौरान साइबर थाना की एक पुलिस ने महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष पुत्र संजय निवासी गांव कुतियांवाली को हिसार व सोनू महेरिया पुत्र सुरजीत सिंह निवासी गांव बगला,जिला हिसार को हिसार से गिरफ्तार कर लिया है । उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है ।

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