औढां-05 मार्च 2025,
आज माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान में दीक्षांत समारोह-2025 यशस्वी भव: में भारत के उप-राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी मुख्यातिथि के रूप में पधारे।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉ सुदेश धनखड़ जी ने भी पहुंच कर समारोह की शोभा बढ़ाई। दीक्षांत समारोह के इस भव्य व गरिमामय कार्यक्रम में माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान के संस्थापक श्री अभय सिंह जी चौटाला, श्रीमति कांता जी चौटाला, डबवाली हल्के के विधायक आदित्य चौटाला, राज्यमंत्री रणवीर सिंह गंगवा, संस्थान के अध्यक्ष सरदार मनिंदर पाल सिंह जी बराड़, संस्थान की प्रबंध निदेशिका डॉ कुलदीप कौर आनंद व प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्यों ने शिरकत की। इसके साथ-साथ जिला सिरसा, रानियां, कालांवाली, डबवाली के गणमान्य विधायक,शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवी व न्यायाधीश इस उत्सव का हिस्सा बने। संस्थान में पहुंचने पर माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी के द्वारा पौधारोपण किया गया। इसके बाद उपराष्ट्रपति महोदय जी को विशेष सम्मान सहित व एकेडमिक प्रोसेशन के साथ मंच पर पदासीन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन व माता हरकी देवी जी की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करने से हुआ। तत्पश्चात श्री अभय सिंह जी चौटाला ने विशिष्ट अतिथि व अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत व आभार व्यक्त किया व माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान की स्थापना के उद्देश्य और प्रगति के बारे में जानकारी दी। सभी डिग्रीधारकों को शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कृष्ण कांत ने शपथ ग्रहण करवाई। इस प्रेरणादायक और यादगार समारोह में इस संस्थान की 400 से अधिक संख्या में ग्रामीणांचल की मेधावी बेटियों को माननीय उपराष्ट्रपति महोदय जी ने प्रशस्ति पत्र व डिग्रियों से सम्मानित किया व अपने सत्र में प्रथम आने वाली छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस अवसर पर श्री जगदीप धनखड़ जी ने अपने संबोधन में बताया कि माता हरकी देवी संस्थान में आना मेरे लिए तीर्थयात्रा के समान है। उन्होंने चौधरी देवीलाल जी को स्मरण करते हुए बताया कि चौधरी साहब एक व्यक्ति नहीं एक सोच व राजनीति की संस्था थे। ग्रामीण व किसान विकास में उनका योगदान ऐतिहासिक है। उन्होंने चौधरी देवीलाल को अपना राजनीतिक गुरू बताया। उन्होने कहा कि आज भारत विश्वशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है जिसमें नारी शक्ति का अहम योगदान है। आज हमें लघु उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने दीक्षांत समारोह को नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि इसे शिक्षांत न समझे क्योंकि शिक्षा उम्र भर चलती है। उन्होने कहा कि कभी अपने लिए सीमा निर्धारित न करें और ना ही असफलता से डरें, प्रत्येक असफलता कुछ नया सीखा कर जाती है। उन्होंने छात्राओं को सदैव अपने माता-पिता, गुरूजनो का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने बताया कि माता हरकी देवी संस्थान में पहुंचना और इन बेटियों को सम्मानित करना मेरे लिए सुखद अनुभव की अनुभूति रही है। उन्होंने ग्रामीणांचल के इस बेहतरीन एवं भव्य शिक्षण संस्थान के संस्थापक श्री अभय सिंह जी चौटाला को शिक्षा का अग्रदूत कहा तथा उन्होंने बेटियों के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा संस्थान के विद्यार्थियों व शिक्षकों को संसद में खुले दिल से आमंत्रित किया। कार्यक्रम के समापन पर धनखड़ जी को अभय सिंह चौटाला ने व डॉ सुदेश धनखड़ को कांता चौटाला व डॉ कुलदीप कौर ने और राज्य मंत्री रणवीर गंगवा को संस्थान के प्रेसिडेंट मनिंदर पाल सिंह बराड़ ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। डॉ कुलदीप कौर जी ने उपराष्ट्रपति श्री जगदीप सिंह जी धनखड़ का कार्यक्रम में पहुंचने व संस्थान की बेटियों को अपना आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया तथा इसके साथ-साथ इस कार्यक्रम में पधारे अन्य गणमान्य विशिष्ट अतिथियों का भी धन्यवाद प्रकट किया
दीक्षांत समारोह को शिक्षांत समारोह न समझें- उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़
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