सिरसा। बिजली निगम की अरबों रुपए की संपत्ति पर निगम के अधिकारियों द्वारा लगातार कब्जा करवाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार के हित में मैं लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता आ रहा हूं,। उक्त बातें क्रप्शन फ्री इंडिया संगठन की ओर से जसकौर सिंह ने बस स्टेंड स्थित बिजली घर के आगे मीडिया से बात करते हुए कही। उनके साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार समिति सदस्य गुरलाल सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के एसई द्वारा लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी न तो उच्चाधिकारियों व न ही सरकार की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। उन्होंने बताया कि 1993 से ये विवादित केस चल रहा है। विभाग के हित में हालांकि निर्णय हो चुका था। जब मामला सैशन कोर्ट में गया तो 2005 में एसई रहे अधिकारी को छुट्टी भेजा गया, एसडीओ गाबा जोकि इस गेम का मास्टर माइंड था, उनकी जवाबदेही बनती थी कि कोर्ट में निगम का पक्ष रखे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। अब ये केस हाईकोर्ट में विचारधीन है, लेकिन एसई की मिलीभगत से अवैध कब्जाधारियों द्वारा निगम की अरबों रुपए की संपत्त्ति पर कब्जा किया जा रहा है। जसकौर सिंह ने कहा कि वे इस मामले को लेकर बिजली मंत्री अनिल विज व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से जल्द दस्तावेजों के साथ मुलाकात करेंगे और सिफारिश करेंगे कि एसई राजेंद्र सभ्रवाल की पदोन्नति रोकी जाए और जांच बिठाकर उनके किए गए काले कारनामों का पर्दाफाश किया जाए। जसकौर सिंह ने कहा कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे चुप बैठने वाले नहीं हंै। इस मौके पर गुरलाल सिंह ने कहा कि केवल यही नहीं विद्युत निगम में एसई ने भ्रष्टाचार शब्द को ही छोटा कर दिया है। भ्रष्टाचार के इतने मामले हंै कि जांच अधिकारी भी कम पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अगर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना चाहती है तो सिरसा विद्युत निगम के एसई के कार्यकाल की जांच करवाए और जो भी घोटाले किए है, उनकी तुरंत जांच करवाकर कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों की शह पर करवाया जा रहा है बिजली निगम की जगह पर कब्जा
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