एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार शुक्रवार को बाढ़ बचाव प्रबंधों की तैयारियों के तहत गांव मुसाहिबवाला व पनिहारी में घग्घर नदी के तटबंधों व लिंक चैनल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उनके साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
एसडीएम राजेंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कमजोर तटबंधों पर विशेष ध्यान दें और समय रहते तटबंधों को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम से पहले ही सभी बाढ़ से बचाव तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। एसडीएम ने कहा कि जहां-जहां कटाव की अधिक संभावना है, वहां मिट्टी डालकर तटबंधों को मजबूत किया जाए। इसके अलावा पुलों के आसपास की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि पानी का बहाव सुचारु रूप से हो सके। निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजेंद्र कुमार ने नदी के साथ लगते गांवों के किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए।
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नागरिकों को बताए जाएंगे पानी बचाने के उपाय, पानी बर्बाद करने पर होगी कार्रवाई
– जल स्वच्छता एवं सहायक संगठन द्वारा जल बचाओ अभियान के तहत नुक्कड़ सभा से लोगों को किया जाएगा जागरूक
सिरसा, 09 मई।
गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए अब जल बचाओ अभियान चलाया जाएगा तथा जो लोग जल की बर्बादी कर रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शहरी क्षेत्र में निगरानी के लिए टीमें फिल्ड में उतारी गई है। जल है तो जीवन है इस महत्वपूर्ण संदेश को हर व्यक्ति तक पहुंचाना होगा। इसके लिए नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोगों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जाएगी। गली मोहल्लों में जाकर लोगों से बातचीत की जाएगी ताकि वे जल बचाने के उपायों को अपनाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
जल स्वच्छता एवं सहायक संगठन के जिला सलाहकार राकेश सोगलान ने बताया कि जल संरक्षण को लेकर अभियान चलाया गया है। गर्मी के दौरान पानी की बचत भी बड़ा अहम विषय है, इसलिए पानी की बर्बादी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जल संरक्षण से ही पानी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है ताकि किसी को किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
उन्होंने बताया कि पीने के पानी का उपयोग गलियों में छिडक़ाव या वाहनों को धोने में नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जहां भी जल व्यर्थ बहता नजर आए, उसे तुरंत रोकने की अपील की। आरओ फिल्टर से निकलने वाले अपशिष्ट जल को एकत्रित कर पेड़-पौधों में या घर की सफाई में इस्तेमाल करें। साथ ही, पेड़ों और पौधों की जड़ों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग की सलाह दी गई, जिससे सिंचाई में पानी की आवश्यकता कम हो सके।
खैरेका और मीरपुर गाँव में जल गुणवत्ता जांच और जन जागरूकता अभियान
गांव खैरेका और मीरपुर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। इस मौके पर वरिष्ठï केमिस्ट संतोष कुमारी, जिला सलाहकार राकेश सोगलान, बीआरसी राजेश कुमार और सीताराम उपस्थित रहे। इस दौरान टीम ने पीने के पानी के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए जिला सिरसा की लैब में भेजा गया। वहीं गांव मीरपुर में सरपंच की अध्यक्षता में ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति की मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें जल संरक्षण और जल गुणवत्ता को लेकर विशेष हिदायतें दी गईं। इसके साथ ही मीरपुर गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की गई, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र के पानी का सैंपल लिया गया और उसे लैब में जांच के लिए भेजा गया। इसके अलावा गांव मीरपुर में ट्यूबवेल का पानी का सैंपल भी लिया गया और उसकी जांच के लिए जिला सिरसा लैब में भेजा गया।
एसडीएम ने घग्घर का किया दौरा
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