अस्वच्छ-प्रदूषित वातावरण में मनाए अनेकों पर्व-त्योहार: गुप्ता
सिरसा। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंच के प्रदेशाध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के जिला प्रधान ज्योति प्रकाश गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार ने सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के समाधान हेतु गफलत के कारण विलंबकारी कदम उठाया, जिस से सफाई कर्मचारियों का जमकर शोषण हुआ और उन्हें सिर मुंडाने तक बाध्य होना पड़ा। वहीं हरियाणा की निर्दोष जनता ने अस्वच्छता के प्रदूषित वातावरण में अनेकों पर्व-त्योहार, उत्सव तथा समारोह जैसे- 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस (राष्ट्रीय समारोह), हरियाली तीज उत्सव, 26 अगस्त ईद का त्योहार, श्री गुरु जंभेश्वर जी की जयंती, 28 अगस्त रक्षा बंधन महोत्सव, 4 सितंबर श्री कृष्ण जन्माष्टमी, 5 सितंबर श्री गोगा नवमी की धोक तथा शिक्षक दिवस समारोह, श्री जैन पर्यूषण महापर्व, इत्यादि। जबकि स्वच्छता की उपमा में कहा गया है, क्लीनलीनेस इज नेक्स्ट टू गोडलीनेस। वरिष्ठ नेता ज्योति प्रकाश गुप्ता ने इस कठिन दौर में सभी लोगों द्वारा संकट झेलने को संकट काल की संज्ञा दी, जिस से हरियाणा के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया। जिस प्रकार 50 वर्ष के बाद भी आपातकाल को नहीं भूले। वरिष्ठ नेता ज्योति प्रकाश गुप्ता ने स्थानीय निकाय विभाग से अनुरोध किया है कि क्षतिपूर्ति की एवज में कम से कम एक वर्ष के लिए सफाई टैक्स तथा प्रॉपर्टी टैक्स की छूट देते हुए मरहम लगाने का काम किया जाए। वरिष्ठ नेता ज्योति प्रकाश गुप्ता ने हरियाणा के लोगों की आवाज बाबत जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा के सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधने वाला तथा हरियाणा एक-हरियाणवी एक का मूलमंत्र देने वाला अनुभवी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को लोग याद करते हैं और कहते हैं, अगर खट्टर साहिब, मुख्यमंत्री होते तो हरियाणा की इतनी दुर्गति नहीं होती। अभी भी मात्र 6 माह की अल्प अवधि के लिए संवैधानिक तौर पर उन्हें पुन: मुख्यमंत्री का अतिरिक्त पदभार दिया जा सकता है, बेशक वे केंद्र में मंत्री बने रहें। वरना बढ़ते आक्रोश के कारण हरियाणा की सत्ता हाथ से फिसलने के आसार को नहीं रोका जा सकता और मध्यावधि चुनाव का माहौल बनने की संभावना हो सकती है। दीवार पर लिखी यह बात कोई भी पढ़ सकता है। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से ग्रेजुएट होने के नाते ज्योति प्रकाश गुप्ता ने 20 सितंबर, 2026 को सीनेट इलेक्शन के मतदान में अपने साथियों को अपील की है कि वे नेशनल कॉलेज सिरसा में भाग लें।
हरियाणा के इतिहास में पहली बार जुड़ा संकटकालीन काला अध्याय:
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