
सिरसा। बरसात के न के बराबर होने और नहरी पानी की भारी किल्लत के कारण क्षेत्र के किसानों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पानी की कमी के चलते किसान धान की खेती पूरी तरह प्रभावित थी। किसानों ने नरमे तथा ग्वार की फसल से काफी उम्मीदें लगाई हुई थी, लेकिन समय पर पानी न मिलने से ग्वार में फलियां नहीं बनीं और अंत में आकर नरमे की फसल पूरी तरह सूखकर काली पड़ कर बर्बाद हो चुकी है। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बीकेई टीम के सदस्यों कुलतार सिंह कंवर, सर्वजीत कंबोज, दीपू गिल और करतार सिंह के साथ गांव भंगू के खेतों का दौरा कर फसल नुकसान का जायजा लिया। लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि क्षेत्र के किसान पिछले कई वर्षों से लगातार फसलों के नुकसान और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस बार किसानों को उम्मीद थी कि नरमे की फसल से उनकी भरपाई हो जाएगी, लेकिन बरसात न होने, नहरी पानी न मिलने और बीमारियों के कारण नरमे की फसल पूरी तरह काली पड़कर नष्ट हो चुकी है। ग्वार और बाजरे जैसी फसलों का भी यही हाल है। किसान का बहुत भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने बीकेई की ओर से सरकार और प्रशासन से मांग की कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, उनके खेतों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से ‘क्रॉप कटिंग’ सर्वे तुरंत कराया जाए ताकि उन्हें बीमा राशि मिल सके। जिन्होंने बीमा नहीं करवाया है या सूखा पड़ने के कारण भारी नुकसान हुआ है, उन सभी किसानों को सरकार द्वारा उचित व राहतजनक प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। लखविंदर सिंह औलख ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों की इस बदहाली पर तुरंत संज्ञान लेकर राहत नहीं पहुंचाई, तो बीकेई किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए उनकी आवाज को सरकार के समक्ष बुलंद करेगी।
सूखे और पानी की कमी से किसानों के नरमे व ग्वार की फसल पूरी तरह बर्बाद : लखविंदर सिंह औलख
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